أَلۡهَىٰكُمُ ٱلتَّكَاثُرُ ١
तुम्हें (धन, संतान की) बहुतायत पर गर्व ने ग़ाफ़िल कर दिया।
अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
أَلۡهَىٰكُمُ ٱلتَّكَاثُرُ ١
तुम्हें (धन, संतान की) बहुतायत पर गर्व ने ग़ाफ़िल कर दिया।
حَتَّىٰ زُرۡتُمُ ٱلۡمَقَابِرَ ٢
यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तान जा पहुँचे।1
كَلَّا سَوۡفَ تَعۡلَمُونَ ٣
कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
ثُمَّ كَلَّا سَوۡفَ تَعۡلَمُونَ ٤
फिर कदापि नहीं, तुम शीघ्र ही जान लोगे।
كَلَّا لَوۡ تَعۡلَمُونَ عِلۡمَ ٱلۡيَقِينِ ٥
कदापि नहीं, यदि तुम निश्चित ज्ञान के साथ जान लेते (तो ऐसा न करते)।2
لَتَرَوُنَّ ٱلۡجَحِيمَ ٦
निश्चय तुम अवश्य जहन्नम को देखोगे।
ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيۡنَ ٱلۡيَقِينِ ٧
फिर निश्चय तुम उसे अवश्य विश्वास की आँख से देखोगे।
ثُمَّ لَتُسۡـَٔلُنَّ يَوۡمَئِذٍ عَنِ ٱلنَّعِيمِ ٨
फिर निश्चय तुम उस दिन नेमतों के बारे में अवश्य पूछे जाओगे।3
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सूरह At-Takathur में 8 आयतें हैं। यह क़ुरआन की सूरह नंबर 102 है।
सूरह At-Takathur एक मक्की सूरह है।
सूरह At-Takathur पारा 30 में है।
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