ٱلۡقَارِعَةُ ١
वह खड़खड़ा देने वाली।
अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
ٱلۡقَارِعَةُ ١
वह खड़खड़ा देने वाली।
مَا ٱلۡقَارِعَةُ ٢
क्या है वह खड़खड़ा देने वाली?
وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلۡقَارِعَةُ ٣
और तुम क्या जानो कि वह खड़खड़ा देने वाली क्या है?1
يَوۡمَ يَكُونُ ٱلنَّاسُ كَٱلۡفَرَاشِ ٱلۡمَبۡثُوثِ ٤
जिस दिन लोग बिखरे हुए पतिंगों की तरह हो जाएँगे।
وَتَكُونُ ٱلۡجِبَالُ كَٱلۡعِهۡنِ ٱلۡمَنفُوشِ ٥
और पर्वत धुने हुए रंगीन ऊन की तरह हो जाएँगे।2
فَأَمَّا مَن ثَقُلَتۡ مَوَٰزِينُهُۥ ٦
तो जिसके पलड़े भारी हो गए,
فَهُوَ فِي عِيشَةٖ رَّاضِيَةٖ ٧
तो वह संतोषजनक जीवन में होगा।
وَأَمَّا مَنۡ خَفَّتۡ مَوَٰزِينُهُۥ ٨
तथा जिसके पलड़े हल्के हो गए,
فَأُمُّهُۥ هَاوِيَةٞ ٩
उसका ठिकाना 'हाविया' (गड्ढा) है।
وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا هِيَهۡ ١٠
और तुम क्या जानो कि वह ('हाविया') क्या है?
نَارٌ حَامِيَةُۢ ١١
वह एक बहुत गर्म आग है।3
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सूरह Al-Qari'ah में 11 आयतें हैं। यह क़ुरआन की सूरह नंबर 101 है।
सूरह Al-Qari'ah एक मक्की सूरह है।
सूरह Al-Qari'ah पारा 30 में है।
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