يَوۡمَ يَكُونُ ٱلنَّاسُ كَٱلۡفَرَاشِ ٱلۡمَبۡثُوثِ ٤
जिस दिन लोग बिखरे हुए पतिंगों की तरह हो जाएँगे।
तफ़सीर
जिस दिन लोगों के दिल झंझोड़ दिए जाएँगे, तो वे इधर-उधर बिखरे हुए पतिंगों की तरह हो जाएँगे।
يَوۡمَ يَكُونُ ٱلنَّاسُ كَٱلۡفَرَاشِ ٱلۡمَبۡثُوثِ ٤
जिस दिन लोग बिखरे हुए पतिंगों की तरह हो जाएँगे।
जिस दिन लोगों के दिल झंझोड़ दिए जाएँगे, तो वे इधर-उधर बिखरे हुए पतिंगों की तरह हो जाएँगे।