أَرَءَيۡتَ ٱلَّذِي يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ ١
(ऐ नबी!) क्या आपने उसे देखा, जो बदले के दिन को झुठलाता है?
अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
أَرَءَيۡتَ ٱلَّذِي يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ ١
(ऐ नबी!) क्या आपने उसे देखा, जो बदले के दिन को झुठलाता है?
فَذَٰلِكَ ٱلَّذِي يَدُعُّ ٱلۡيَتِيمَ ٢
तो यही है, जो अनाथ (यतीम) को धक्के देता है।
وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلۡمِسۡكِينِ ٣
तथा ग़रीब को खाना खिलाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता है।1
فَوَيۡلٞ لِّلۡمُصَلِّينَ ٤
तो विनाश है उन नमाज़ियों के लिए,2
ٱلَّذِينَ هُمۡ عَن صَلَاتِهِمۡ سَاهُونَ ٥
जो अपनी नमाज़ से लापरवाह हैं।
ٱلَّذِينَ هُمۡ يُرَآءُونَ ٦
वे जो दिखावा करते हैं।
وَيَمۡنَعُونَ ٱلۡمَاعُونَ ٧
तथा साधारण बरतने की चीज़ भी माँगने से नहीं देते।3
फ़ुटनोट के नंबर आयत के पेज पर ले जाते हैं, जहां अनुवादक के नोट्स दिए गए हैं।
सूरह Al-Ma'un में 7 आयतें हैं। यह क़ुरआन की सूरह नंबर 107 है।
सूरह Al-Ma'un एक मक्की सूरह है।
सूरह Al-Ma'un पारा 30 में है।
हां। इस पेज के ऊपर चलाएं दबाएं, या किसी भी आयत से शुरू करें। Qabas ऐप में आप इसे ऑफ़लाइन सुनने के लिए डाउनलोड भी कर सकते हैं।