فَذَٰلِكَ ٱلَّذِي يَدُعُّ ٱلۡيَتِيمَ ٢
तो यही है, जो अनाथ (यतीम) को धक्के देता है।
तफ़सीर
यही वह व्यक्ति है, जो अनाथ को उसकी जरूरतों से वंचित कर उसे सख़्ती के साथ भगा देता है।
فَذَٰلِكَ ٱلَّذِي يَدُعُّ ٱلۡيَتِيمَ ٢
तो यही है, जो अनाथ (यतीम) को धक्के देता है।
यही वह व्यक्ति है, जो अनाथ को उसकी जरूरतों से वंचित कर उसे सख़्ती के साथ भगा देता है।