قُلۡ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلۡفَلَقِ ١
(ऐ नबी!) कह दीजिए : मैं सुबह के पालनहार की शरण लेता हूँ।
अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
قُلۡ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلۡفَلَقِ ١
(ऐ नबी!) कह दीजिए : मैं सुबह के पालनहार की शरण लेता हूँ।
مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ٢
उस चीज़ की बुराई से, जो उसने पैदा की।
وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ٣
तथा अंधेरी रात की बुराई से, जब वह छा जाए।1
وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّٰثَٰتِ فِي ٱلۡعُقَدِ ٤
तथा गाँठों में फूँकने वालियों की बुराई से।
وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ٥
तथा ईर्ष्या करने वाले की बुराई से, जब वह ईर्ष्या करे।2
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सूरह Al-Falaq में 5 आयतें हैं। यह क़ुरआन की सूरह नंबर 113 है।
सूरह Al-Falaq एक मक्की सूरह है।
सूरह Al-Falaq पारा 30 में है।
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