فَإِنَّ مَعَ ٱلۡعُسۡرِ يُسۡرًا ٥
निःसंदेह हर कठिनाई के साथ एक आसानी है।
तफ़सीर
निश्चय हर कठिनाई और संकट के साथ एक आसानी और विस्तार (राहत) है।
अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
فَإِنَّ مَعَ ٱلۡعُسۡرِ يُسۡرًا ٥
निःसंदेह हर कठिनाई के साथ एक आसानी है।
निश्चय हर कठिनाई और संकट के साथ एक आसानी और विस्तार (राहत) है।
إِنَّ مَعَ ٱلۡعُسۡرِ يُسۡرٗا ٦
निःसंदेह (उस) कठिनाई के साथ एक (और) आसानी है।2
2 (5-6) इन आयतों में विश्व का पालनहार अपने बंदे (मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को विश्वास दिला रहा है कि उलझनों का यह समय देर तक नहीं रहेगा। इसी के साथ सरलता तथा सुविधा का समय भी लगा आ रहा है। अर्थात आपका आगामी युग, बीते युग से उत्तम होगा, जैसा कि "सूरतुज़-ज़ुह़ा" में कहा गया है।
निश्चय हर कठिनाई और संकट के साथ एक आसानी, विस्तार और राहत है। जब आपको यह मालूम हो गया, तो आप अपनी जाति के कष्ट पहुँचाने से भयभीत (चिंतित) न हों और यह आपको अल्लाह की ओर बुलाने से न रोके।
Inna ma'al-'usri yusra सूरह Ash-Sharh, 94:5-6 में है।