إِذَا زُلۡزِلَتِ ٱلۡأَرۡضُ زِلۡزَالَهَا ١
जब धरती को पूरी तरह झंझोड़ दिया जाएगा।
अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
إِذَا زُلۡزِلَتِ ٱلۡأَرۡضُ زِلۡزَالَهَا ١
जब धरती को पूरी तरह झंझोड़ दिया जाएगा।
وَأَخۡرَجَتِ ٱلۡأَرۡضُ أَثۡقَالَهَا ٢
तथा धरती अपने बोझ बाहर निकाल देगी।
وَقَالَ ٱلۡإِنسَٰنُ مَا لَهَا ٣
और इनसान कहेगा कि इसे क्या हो गया?
يَوۡمَئِذٖ تُحَدِّثُ أَخۡبَارَهَا ٤
उस दिन वह अपनी खबरें बयान करेगी।
بِأَنَّ رَبَّكَ أَوۡحَىٰ لَهَا ٥
क्योंकि तेरे पालनहार ने उसे इसका आदेश दिया होगा।
يَوۡمَئِذٖ يَصۡدُرُ ٱلنَّاسُ أَشۡتَاتٗا لِّيُرَوۡاْ أَعۡمَٰلَهُمۡ ٦
उस दिन लोग अलग-अलग होकर लौटेंगे, ताकि उन्हें उनके कर्म दिखाए जाएँ।1
فَمَن يَعۡمَلۡ مِثۡقَالَ ذَرَّةٍ خَيۡرٗا يَرَهُۥ ٧
तो जिसने एक कण के बराबर भी नेकी की होगी, उसे देख लेगा।
وَمَن يَعۡمَلۡ مِثۡقَالَ ذَرَّةٖ شَرّٗا يَرَهُۥ ٨
और जिसने एक कण के बराबर भी बुराई की होगी, उसे देख लेगा।2
फ़ुटनोट के नंबर आयत के पेज पर ले जाते हैं, जहां अनुवादक के नोट्स दिए गए हैं।
सूरह Az-Zalzalah में 8 आयतें हैं। यह क़ुरआन की सूरह नंबर 99 है।
सूरह Az-Zalzalah एक मदनी सूरह है।
सूरह Az-Zalzalah पारा 30 में है।
हां। इस पेज के ऊपर चलाएं दबाएं, या किसी भी आयत से शुरू करें। Qabas ऐप में आप इसे ऑफ़लाइन सुनने के लिए डाउनलोड भी कर सकते हैं।