وَيۡلٞ لِّكُلِّ هُمَزَةٖ لُّمَزَةٍ ١
विनाश है प्रत्येक बहुत ग़ीबत करने वाले और बहुत दोष लगाने वाले के लिए।
अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari
بِسۡمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
وَيۡلٞ لِّكُلِّ هُمَزَةٖ لُّمَزَةٍ ١
विनाश है प्रत्येक बहुत ग़ीबत करने वाले और बहुत दोष लगाने वाले के लिए।
ٱلَّذِي جَمَعَ مَالٗا وَعَدَّدَهُۥ ٢
जिसने धन एकत्र किया और उसे गिन-गिन कर रखा।
يَحۡسَبُ أَنَّ مَالَهُۥٓ أَخۡلَدَهُۥ ٣
वह समझता है कि उसके धन ने उसे हमेशा रहने वाला बना दिया?1
كَلَّاۖ لَيُنۢبَذَنَّ فِي ٱلۡحُطَمَةِ ٤
कदापि नहीं, वह अवश्य 'ह़ुतमा' में फेंका जाएगा।
وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلۡحُطَمَةُ ٥
और तुम क्या जानो कि वह 'हुतमा' क्या है?
نَارُ ٱللَّهِ ٱلۡمُوقَدَةُ ٦
वह अल्लाह की भड़काई हुई आग है।
ٱلَّتِي تَطَّلِعُ عَلَى ٱلۡأَفۡـِٔدَةِ ٧
जो दिलों तक जा पहुँचेगी।
إِنَّهَا عَلَيۡهِم مُّؤۡصَدَةٞ ٨
निःसंदेह वह उनपर बंद कर दी जाएगी।
فِي عَمَدٖ مُّمَدَّدَةِۭ ٩
लंबे-लंबे स्तंभों में।2
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सूरह Al-Humazah में 9 आयतें हैं। यह क़ुरआन की सूरह नंबर 104 है।
सूरह Al-Humazah एक मक्की सूरह है।
सूरह Al-Humazah पारा 30 में है।
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