सूरह Al-Humazah, आयत 1

104:1

وَيۡلٞ لِّكُلِّ هُمَزَةٖ لُّمَزَةٍ ١

विनाश है प्रत्येक बहुत ग़ीबत करने वाले और बहुत दोष लगाने वाले के लिए।

तफ़सीर

उस व्यक्ति के लिए विनाश एवं कड़ी यातना है, जो लोगों की बहुत ग़ीबत करने वाला और उनपर बहुत दोष लगाने वाला एवं ताना मारने वाला है।