ثُمَّ ٱسۡتَوَىٰٓ إِلَى ٱلسَّمَآءِ وَهِيَ دُخَانٞ فَقَالَ لَهَا وَلِلۡأَرۡضِ ٱئۡتِيَا طَوۡعًا أَوۡ كَرۡهٗا قَالَتَآ أَتَيۡنَا طَآئِعِينَ ١١
फिर उसने आकाश की ओर रुख़ किया, जबकि वह धुआँ था। तो उसने उससे और धरती से कहा : तुम दोनों आओ, स्वेच्छा से या मजबूरी से। दोनों ने कहा : हम स्वेच्छा से आ गए।
तफ़सीर
फ़िर अल्लाह ने आकाश पैदा करने का इरादा किया। उस समय आकाश धुआँ था। चुनांचे आकाश एवं धरती से कहा : तुम मेरे आदेशों का पालन करो। चाहे खुशी-खुशी या दबाव के तहत। इससे तुम्हें छुटकारा नहीं मिलने वाला। तो दोनों ने कहा : हम प्रसन्न होकर आ गए। ऐ हमारे पालनहार! हम आपके इरादे के अधीन हैं।