सूरह Al-Mursalat, आयत 5

77:5

فَٱلۡمُلۡقِيَٰتِ ذِكۡرًا ٥

फिर वह़्य3 लेकर उतरने वाले फ़रिश्तों की क़सम!

फ़ुटनोट

3 अर्थात जो वह़्य (प्रकाशना) ग्रहण करके उसे रसूलों तक पहुँचाते हैं।

तफ़सीर

और अल्लाह ने उन फ़रिश्तों की क़सम खाई है, जो वह़्य (प्रकाशना) के साथ उतरते हैं।