فَٱلۡمُلۡقِيَٰتِ ذِكۡرًا ٥
फिर वह़्य3 लेकर उतरने वाले फ़रिश्तों की क़सम!
फ़ुटनोट
3 अर्थात जो वह़्य (प्रकाशना) ग्रहण करके उसे रसूलों तक पहुँचाते हैं।
तफ़सीर
और अल्लाह ने उन फ़रिश्तों की क़सम खाई है, जो वह़्य (प्रकाशना) के साथ उतरते हैं।
فَٱلۡمُلۡقِيَٰتِ ذِكۡرًا ٥
फिर वह़्य3 लेकर उतरने वाले फ़रिश्तों की क़सम!
3 अर्थात जो वह़्य (प्रकाशना) ग्रहण करके उसे रसूलों तक पहुँचाते हैं।
और अल्लाह ने उन फ़रिश्तों की क़सम खाई है, जो वह़्य (प्रकाशना) के साथ उतरते हैं।