सूरह Al-Mursalat, आयत 6

77:6

عُذۡرًا أَوۡ نُذۡرًا ٦

उज़्र (बहाना) समाप्त करने या डराने4 के लिए।

फ़ुटनोट

4 अर्थात ईमान लाने वालों के लिये क्षमा का वचन तथा काफ़िरों के लिये यातना की सूचना लाते हैं।

तफ़सीर

जो वह़्य (प्रकाशना) लेकर उतरते हैं, अल्लाह की ओर से लोगों के उज़्र (बहाने) को समाप्त करने के लिए और लोगों को अल्लाह की यातना से सावधान करने के लिए।