सूरह Al-Mursalat, आयत 30

77:30

ٱنطَلِقُوٓاْ إِلَىٰ ظِلّٖ ذِي ثَلَٰثِ شُعَبٖ ٣٠

एक छाया10 की ओर चलो, जो तीन शाखाओं वाली है।

फ़ुटनोट

10 छाया से अभिप्राय नरक के धुँवे की छाया है, जो तीन दिशाओं में फैली होगी।

तफ़सीर

जहन्नम की आग के धुएँ की छाया की ओर चलो, जो तीन शाखाओं वाली है।