لَّا ظَلِيلٖ وَلَا يُغۡنِي مِنَ ٱللَّهَبِ ٣١
जो न छाया देगी और न ज्वाला से बचाएगी।
तफ़सीर
उसमें न छाया की ठंडक होगी और न वह तुमसे आग की लपट और उसकी गर्मी को रोक सकेगी।
لَّا ظَلِيلٖ وَلَا يُغۡنِي مِنَ ٱللَّهَبِ ٣١
जो न छाया देगी और न ज्वाला से बचाएगी।
उसमें न छाया की ठंडक होगी और न वह तुमसे आग की लपट और उसकी गर्मी को रोक सकेगी।