सूरह Al-Mursalat, आयत 31

77:31

لَّا ظَلِيلٖ وَلَا يُغۡنِي مِنَ ٱللَّهَبِ ٣١

जो न छाया देगी और न ज्वाला से बचाएगी।

तफ़सीर

उसमें न छाया की ठंडक होगी और न वह तुमसे आग की लपट और उसकी गर्मी को रोक सकेगी।