सूरह Al-Mursalat, आयत 1

77:1

وَٱلۡمُرۡسَلَٰتِ عُرۡفٗا ١

क़सम है उन हवाओं की जो निरंतर भेजी जाती हैं!

तफ़सीर

अल्लाह ने घोड़े की अयाल की तरह लगातार चलने वाली हवाओं की क़सम खाई है।