सूरह Al-Baqarah, आयत 97

2:97

قُلۡ مَن كَانَ عَدُوّٗا لِّـجِبۡرِيلَ فَإِنَّهُۥ نَزَّلَهُۥ عَلَىٰ قَلۡبِكَ بِإِذۡنِ ٱللَّهِ مُصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيۡهِ وَهُدٗى وَبُشۡرَىٰ لِلۡمُؤۡمِنِينَ ٩٧

(ऐ नबी!)46 कह दीजिए कि जो व्यक्ति जिबरील का शत्रु हो, तो निःसंदेह उसने इसे आपके दिल पर अल्लाह के आदेश से उतारा है, उसकी पुष्टि करने वाला है, जो इससे पूर्व है तथा ईमान वालों के लिए मार्गदर्शन एवं शुभ समाचार है।

फ़ुटनोट

46 यहूदी केवल रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और आपके अनुयायियों ही को बुरा नहीं कहते थे, वे अल्लाह के फ़रिश्ते जिबरील को भी गालियाँ देते थे कि वह दया का नहीं, प्रकोप का फ़रिश्ता है। और कहते थे कि हमारा मित्र मीकाईल है।

तफ़सीर

(ऐ नबी!) आप उन यहूदियों से कह दीजिए, जिन्होंने कहा : "जिब्रील फ़रिश्तों में से हमारा दुश्मन है।" : जो जिब्रील से दुश्मनी रखता हो, तो (वह सुन ले कि) वही अल्लाह के आदेश से आपके दिल पर क़ुरआन लेकर उतरे हैं, जो पिछली आसमानी किताबों; जैसे तौरात तथा इन्जील की पुष्टि करता है, भलाई का मार्ग दिखाता है और ईमान वालों को उन नेमतों की शुभ सूचना देता है, जो अल्लाह ने उनके लिए तैयार कर रखी हैं। अतः जो कोई भी उससे दुश्मनी रखने वाला है, जिसकी यह विशेषता और यह कार्य है, तो वह पथभ्रष्टों में से है।