सूरह Nuh, आयत 24

71:24

وَقَدۡ أَضَلُّواْ كَثِيرٗاۖ وَلَا تَزِدِ ٱلظَّٰلِمِينَ إِلَّا ضَلَٰلٗا ٢٤

और निश्चय उन्होंने बहुत-से लोगों को पथभ्रष्ट कर दिया। तथा तू अत्याचारियों की पथभ्रष्टता7 ही में वृद्धि कर।

फ़ुटनोट

7 नूह़ (अलैहिस्सलाम) ने 950 वर्ष तक उन्हें समझाया। (देखिए : सूरतुल अनकबूत, आयत : 14) और जब नहीं माने, तो यह निवेदन किया।

तफ़सीर

और उन्होंने अपनी इन मूर्तियों के द्वारा बहुत-से लोगों को गुमराह किया है। तथा (ऐ मेरे रब!) कुफ़्र और पापों पर अटल रहकर अपने ऊपर अत्याचार करने वालों की सत्य से पथभ्रष्टता ही में वृद्धि कर।