مِّمَّا خَطِيٓـَٰٔتِهِمۡ أُغۡرِقُواْ فَأُدۡخِلُواْ نَارٗا فَلَمۡ يَجِدُواْ لَهُم مِّن دُونِ ٱللَّهِ أَنصَارٗا ٢٥
वे अपने पापों के कारण डुबो8 दिए गए, फिर जहन्नम में डाल दिए गए, तो उन्होंने अल्लाह के सिवा अपने लिए कोई मदद करने वाले नहीं पाए।
फ़ुटनोट
8 इसका संकेत नूह़ के तूफ़ान की ओर है। (देखिए : सूरह हूद, आयत : 40, 44)
तफ़सीर
अपने पापों के कारण जो उन्होंने किए थे, वे इस दुनिया में बाढ़ में डुबो दिए गए और अपनी मृत्यु के तुरंत बाद आग में डाल दिए गए। तो (उस समय) उन्हें डूबने और आग से बचाने के लिए, अल्लाह के सिवा कोई मदद करने वाले नहीं मिले।