सूरह As-Saffat, आयत 2

37:2

فَٱلزَّٰجِرَٰتِ زَجۡرٗا ٢

फिर झिड़क कर डाँटने वालों की!

तफ़सीर

और मैं उन फ़रिश्तों की क़सम खाता हूँ, जो बादलों को डाँटते हैं और उन्हें हाँक कर वहाँ ले जाते हैं, जहाँ अल्लाह उन्हें बरसाना चाहाता है।