सूरह As-Saffat, आयत 3

37:3

فَٱلتَّٰلِيَٰتِ ذِكۡرًا ٣

फिर (अल्लाह के) ज़िक्र (वाणी) की तिलावत करने वालों की।1

फ़ुटनोट

1 ये तीनों गुण फ़रिश्तों के हैं जो आकाशों में अल्लाह की इबादत के लिए पंक्तिबद्ध रहते तथा बादलों को हाँकते और अल्लाह के स्मरण जैसे क़ुरआन तथा नमाज़ पढ़ने और उसकी पवित्रता का गान करने इत्यादि में लगे रहते हैं।

तफ़सीर

तथा मैं उन फ़रिश्तों की क़सम खाता हूँ, जो अल्लाह की वाणी की तिलावत करते हैं।