सूरह Al-Waqi'ah, आयत 82

56:82

وَتَجۡعَلُونَ رِزۡقَكُمۡ أَنَّكُمۡ تُكَذِّبُونَ ٨٢

तथा तुम (क़ुरआन से) अपना हिस्सा यह बनाते हो कि तुम (इसे) झुठलाते हो?

तफ़सीर

और तुम अल्लाह की दी हुई नेमतों पर उसका शुक्र इस तरह अदा करते हो कि उन्हें झुठला देते हो। इसलिए बारिश का श्रेय नक्षत्र को देते हो और कहते हो : हमपर अमुक और अमुक नक्षत्र के कारण बारिश हुई?!