सूरह Al-Waqi'ah, आयत 81

56:81

أَفَبِهَٰذَا ٱلۡحَدِيثِ أَنتُم مُّدۡهِنُونَ ٨١

फिर क्या तुम इस वाणी की उपेक्षा करने वाले हो?

तफ़सीर

तो फिर क्या (ऐ मुश्रिको!) तुम इस वाणी को झुठलाने वाले हो, उसकी पुष्टि करने वाले नहीं हो?!