सूरह Al-Waqi'ah, आयत 83

56:83

فَلَوۡلَآ إِذَا بَلَغَتِ ٱلۡحُلۡقُومَ ٨٣

फिर क्यों नहीं जब वह (प्राण) गले को पहुँच जाता है।

तफ़सीर

फिर क्यों नहीं जब रूह (आत्मा) गले को पहुँचती है।