وَلَقَدۡ أَخَذۡنَٰهُم بِٱلۡعَذَابِ فَمَا ٱسۡتَكَانُواْ لِرَبِّهِمۡ وَمَا يَتَضَرَّعُونَ ٧٦
और निःसंदेह हमने उन्हें यातना में (भी) पकड़ा। फिर भी वे न अपने पालनहार के आगे झुके और न गिड़गिड़ाते थे।
तफ़सीर
हमने विभिन्न प्रकार की आपदाओं द्वारा उनका परीक्षण किया। परन्तु वे न अपने पालनहार के सामने झुके और न ही उससे विनम्रतापूर्वक दुआ की कि उनसे आपदाओं को दूर कर दे।