सूरह Al-Mu'minun, आयत 77

23:77

حَتَّىٰٓ إِذَا فَتَحۡنَا عَلَيۡهِم بَابٗا ذَا عَذَابٖ شَدِيدٍ إِذَا هُمۡ فِيهِ مُبۡلِسُونَ ٧٧

यहाँ तक कि जब हमने उनपर कोई कठोर यातना20 वाला द्वार खोल दिया, तो तुरंत वे उसमें निराश हो गए।21

फ़ुटनोट

20 कठोर यातना से अभिप्राय परलोक की यातना है।

21 अर्थात प्रत्येक भलाई से।

तफ़सीर

यहाँ तक कि जब हमने उनपर सख़्त यातना का कोई द्वार खोल दिया, तो तुरंत वे उसमें हर राहत और भलाई से निराश हो गए।