सूरह Al-Mu'minun, आयत 67

23:67

مُسۡتَكۡبِرِينَ بِهِۦ سَٰمِرٗا تَهۡجُرُونَ ٦٧

अभिमान करते हुए, रात को बातें करते हुए उसके बारे में अनर्थ बकते थे।

तफ़सीर

तुम यह कार्य लोगों पर बड़ा बनते हुए कर रहे थे, क्योंकि तुम्हारा यह भ्रम था कि तुम हरम वाले हो। हालाँकि वास्तव में तुम हरम वाले नहीं हो। क्योंकि हरम वाले तो वे लोग हैं, जो अल्लाह से डरने वाले हैं। तथा तुम हरम के आस पास रात में बुरी बातें करते हो। अतः तुम उसकी पवित्रता का सम्मान नहीं करते।