قَدۡ كَانَتۡ ءَايَٰتِي تُتۡلَىٰ عَلَيۡكُمۡ فَكُنتُمۡ عَلَىٰٓ أَعۡقَٰبِكُمۡ تَنكِصُونَ ٦٦
निःसंदेह मेरी आयतें तुम्हें सुनाई जाती थीं, तो तुम अपनी एड़ियों के बल फिर जाया करते थे।
तफ़सीर
दुनिया में अल्लाह की किताब की आयतें तुम्हें सुनाई जाती थीं, तो तुम उन्हें सुनकर उनसे घृणा के कारण मुँह फेरते हुए पलट जाते थे।