सूरह Al-Ma'idah, आयत 47

5:47

وَلۡيَحۡكُمۡ أَهۡلُ ٱلۡإِنجِيلِ بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ فِيهِۚ وَمَن لَّمۡ يَحۡكُم بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ فَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡفَٰسِقُونَ ٤٧

और इंजील वालों को चाहिए कि उसी के अनुसार फ़ैसला करें, जो अल्लाह ने उसमें उतारा है। और जो उसके अनुसार फ़ैसला न करे, जो अल्लाह ने उतारा है, तो वही लोग अवज्ञाकारी हैं।

तफ़सीर

ईसाइयों को चाहिए कि उसपर विश्वास करें, जो अल्लाह ने इंजील में उतारा है तथा (मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के उनके बीच नबी बनाकर भेजे जाने से पहले उसमें जो सच्चाई आई) उसके अनुसार फ़ैसला करें। और जो उसके अनुसार फ़ैसला न करे, जो अल्लाह ने उतारा है, तो वही लोग अल्लाह की अवज्ञा करने वाले, सत्य को छोड़ने वाले तथा असत्य की ओर झुकने वाले हैं।