सूरह Al-Haqqah, आयत 27

69:27

يَٰلَيۡتَهَا كَانَتِ ٱلۡقَاضِيَةَ ٢٧

ऐ काश! वह (मृत्यु) काम तमाम कर देने वाली4 होती।

फ़ुटनोट

4 अर्थात उसके पश्चात् मैं फिर जीवित न किया जाता।

तफ़सीर

ऐ काश कि वह मौत जो मुझे आई थी, ऐसी मौत होती जिसके बाद मैं कभी उठाया न जाता।