सूरह Al-Haqqah, आयत 26

69:26

وَلَمۡ أَدۡرِ مَا حِسَابِيَهۡ ٢٦

तथा मैं न जानता कि मेरा हिसाब क्या है!

तफ़सीर

और काश मैं अपने हिसाब के बारे में कुछ न जानता।