حَٰفِظُواْ عَلَى ٱلصَّلَوَٰتِ وَٱلصَّلَوٰةِ ٱلۡوُسۡطَىٰ وَقُومُواْ لِلَّهِ قَٰنِتِينَ ٢٣٨
सब नमाज़ों का और (विशेषकर) बीच की नमाज़ (अस्र) का ध्यान रखो158 तथा अल्लाह के लिए आज्ञाकारी होकर (विनयपूर्वक) खड़े रहो।
फ़ुटनोट
158 अस्र की नमाज़ पर ध्यान रखने के लिए इस कारण बल दिया गया है कि यह व्यवसाय में लीन रहने का समय होता है।
तफ़सीर
नमाज़ों को अल्लाह के आदेश के अनुसार पूर्ण रूप से अदा करके, उनका संरक्षण (पाबंदी) करो और समस्त नमाज़ों के बीच मध्य नमाज़ अर्थात् अस्र की नमाज़ का संरक्षण (पाबंदी) करो और अपनी नमाज़ में अल्लाह के आज्ञाकारी बनकर विनयपूर्वक खड़े रहो।