يُعَذِّبُ مَن يَشَآءُ وَيَرۡحَمُ مَن يَشَآءُۖ وَإِلَيۡهِ تُقۡلَبُونَ ٢١
वह जिसे चाहता है, दंड देता है और जिसपर चाहता है दया करता है, और तुम उसी की ओर लौटाए जाओगे।
तफ़सीर
वह अपनी सृष्टि में से जिसे चाहता है अपने न्याय से दंड देता है, तथा अपनी सृष्टि में से जिसपर चाहता है अपनी कृपा से दया करता है। और तुम क़ियामत के दिन हिसाब-किताब के लिए केवल उसी की ओर लौटाए जाओगे, जब वह तुम्हें तुम्हारी कब्रों से जीवित उठाएगा।