فَأَخۡرَجَ لَهُمۡ عِجۡلٗا جَسَدٗا لَّهُۥ خُوَارٞ فَقَالُواْ هَٰذَآ إِلَٰهُكُمۡ وَإِلَٰهُ مُوسَىٰ فَنَسِيَ ٨٨
फिर उसने31 उनके लिए एक बछड़ा निकाला, जो मात्र शरीर था, जिसकी गाय की सी आवाज़ थी। तो उन्होंने कहा : यही तुम्हारा पूज्य तथा मूसा का पूज्य है, सो वह भूल गया है।
फ़ुटनोट
31 अर्थात सामिरी ने आभूषणों को पिघला कर बछड़ा बना लिया।
तफ़सीर
फिर सामिरी ने उन गहनों से बनी इसराईल के लिए बछड़े का एक ढाँचा निकाला, जिसमें जान नहीं थी, परंतु उससे गाय की आवाज़ की तरह आवाज़ निकल रही थी। तो सामिरी के इस कृत्य से मोहित लोगों ने कहा : यही तुम्हारा और मूसा का पूज्य है। मूसा इसे भूलकर यहीं छोड़ गए हैं।