أَفَلَا يَرَوۡنَ أَلَّا يَرۡجِعُ إِلَيۡهِمۡ قَوۡلٗا وَلَا يَمۡلِكُ لَهُمۡ ضَرّٗا وَلَا نَفۡعٗا ٨٩
तो क्या वे देखते नहीं कि वह न उनकी किसी बात का उत्तर देता है और न वह उनके किसी नुक़सान का मालिक है और न किसी लाभ का।32
फ़ुटनोट
32 फिर वह पूज्य कैसे हो सकता है?
तफ़सीर
क्या ये लोग जो बछड़े के फ़ितने में पड़कर उसकी पूजा करने लगे हैं, यह नहीं देखते कि बछड़ा न तो उनसे बात करता है और न ही उन्हें उत्तर देता है, और न उनकी या दूसरों की हानि को दूर कर सकता है, और न उन्हें और न दूसरों को लाभ पहुँचा सकता है?!