وَمِنۡهُم مَّن يَقُولُ رَبَّنَآ ءَاتِنَا فِي ٱلدُّنۡيَا حَسَنَةٗ وَفِي ٱلۡأٓخِرَةِ حَسَنَةٗ وَقِنَا عَذَابَ ٱلنَّارِ ٢٠١
तथा उनमें से कोई ऐसा है, जो कहता है : ऐ हमारे पालनहार! हमें दुनिया में भलाई तथा आख़िरत में भी भलाई दे और हमें आग के अज़ाब से बचा।
तफ़सीर
जबकि लोगों का एक समूह अल्लाह पर ईमान रखने वाला है और आख़िरत पर ईमान रखता है। इसलिए वह अपने पालनहार से दुनिया की नेमत और उसमें अच्छे कार्य का सवाल करता है, साथ ही वह उससे जन्नत की प्राप्ति और आग की यातना से सुरक्षित रहने का प्रश्न करता है।