وَٱسۡتَمِعۡ يَوۡمَ يُنَادِ ٱلۡمُنَادِ مِن مَّكَانٖ قَرِيبٖ ٤١
तथा कान लगाकर सुनें, जिस दिन पुकारने वाला12 एक निकट स्थान से पुकारेगा।
फ़ुटनोट
12 इससे अभिप्राय प्रलय के दिन सूर में फूँकने वाला फ़रिश्ता है।
तफ़सीर
और (ऐ रसूल!) ध्यान से सुनें, जिस दिन सूर में दूसरी बार फूँक मारने पर नियुक्त फ़रिश्ता निकट स्थान से आवाज़ देगा।