وَمِنَ ٱلَّيۡلِ فَسَبِّحۡهُ وَأَدۡبَٰرَ ٱلسُّجُودِ ٤٠
तथा रात के कुछ भाग में फिर उसकी पवित्रता का वर्णन करें और सजदे के बाद की घड़ियों में भी।
तफ़सीर
और रात के कुछ भाग में फिर उसके लिए नमाज़ पढ़ें और नमाज़ों के बाद उसकी पवित्रता (तसबीह) का वर्णन करें।