هُوَ ٱللَّهُ ٱلَّذِي لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۖ عَٰلِمُ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِۖ هُوَ ٱلرَّحۡمَٰنُ ٱلرَّحِيمُ ٢٢
वह अल्लाह ही है, जिसके अतिरिक्त कोई सत्य पूज्य नहीं, हर परोक्ष तथा प्रत्यक्ष को जानने वाला है, वह बहुत कृपाशील, अत्यंत दयालु है।
तफ़सीर
22 - 23 - वही अल्लाह है, जिसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं, वह परोक्ष तथा प्रत्यक्ष का जानने वाला है, उसमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। वह दुनिया तथा आख़िरत में अत्यंत दयावान् और असीम दया करने वाला है, उसकी दया सभी लोकों पर विस्तारित है, वह बादशाह है, हर कमी से पाक और पवित्र है, हर दोष से रहित है। स्पष्ट निशानियों (चमत्कारों) के द्वारा अपने रसूलों की पुष्टि करने वाला है, अपने बंदों के कर्मों पर निरीक्षक है, सब पर प्रभुत्वशाली है, जिसपर कोई विजय प्राप्त नहीं कर सकता, शक्तिशाली है जिसने हर वस्तु को अपनी शक्ति से वशीभूत कर रखा है, बहुत बड़ाई वाला है। अल्लाह उन मूर्तियों आदि से पवित्र है, जिन्हें मुश्रिक लोग उसके साथ साझी बनाते हैं।