هُوَ ٱللَّهُ ٱلَّذِي لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ٱلۡمَلِكُ ٱلۡقُدُّوسُ ٱلسَّلَٰمُ ٱلۡمُؤۡمِنُ ٱلۡمُهَيۡمِنُ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡجَبَّارُ ٱلۡمُتَكَبِّرُۚ سُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يُشۡرِكُونَ ٢٣
वह अल्लाह ही है, जिसके अतिरिक्त कोई सच्चा पूज्य10 नहीं, वह बादशाह है, अत्यंत पवित्र, हर दोष से मुक्त, पुष्टि करने वाला, निगरानी करने वाला, प्रभुत्वशाली, शक्तिशाली, बहुत बड़ाई वाला है। पवित्र है अल्लाह उससे, जो वे (उसका) साझी बनाते हैं।
फ़ुटनोट
10 इन आयतों में अल्लाह के शुभ नामों और गुणों का वर्णन करके बताया गया है कि वह अल्लाह कैसा है जिसने यह क़ुरआन उतारा है। इस आयत में अल्लाह के ग्यारह शुभ नामों का वर्णन है। ह़दीस में है कि अल्लाह के निन्नानवे नाम ऐसे हैं कि जो उन्हें गिनेगा तो वह स्वर्ग में जाएगा। (सह़ीह़ बुख़ारी : 7392, सह़ीह़ मुस्लिम : 2677)
तफ़सीर
22 - 23 - वही अल्लाह है, जिसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं, वह परोक्ष तथा प्रत्यक्ष का जानने वाला है, उसमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। वह दुनिया तथा आख़िरत में अत्यंत दयावान् और असीम दया करने वाला है, उसकी दया सभी लोकों पर विस्तारित है, वह बादशाह है, हर कमी से पाक और पवित्र है, हर दोष से रहित है। स्पष्ट निशानियों (चमत्कारों) के द्वारा अपने रसूलों की पुष्टि करने वाला है, अपने बंदों के कर्मों पर निरीक्षक है, सब पर प्रभुत्वशाली है, जिसपर कोई विजय प्राप्त नहीं कर सकता, शक्तिशाली है जिसने हर वस्तु को अपनी शक्ति से वशीभूत कर रखा है, बहुत बड़ाई वाला है। अल्लाह उन मूर्तियों आदि से पवित्र है, जिन्हें मुश्रिक लोग उसके साथ साझी बनाते हैं।