सूरह Fussilat, आयत 41

41:41

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ بِٱلذِّكۡرِ لَمَّا جَآءَهُمۡۖ وَإِنَّهُۥ لَكِتَٰبٌ عَزِيزٞ ٤١

निःसंदेह जिन लोगों ने इस ज़िक्र (क़ुरआन) का इनकार किया, जब वह उनके पास आया, (वे विनष्ट होने वाले हैं)। और निःसंदेह यह एक प्रभुत्वशाली पुस्तक है।

तफ़सीर

निश्चय जिन लोगों ने अल्लाह की जानिब से क़ुरआन आने के पश्चात, उसका इनकार कर दिया, उन्हें क़ियामत के दिन यातना का सामना करना पड़ेगा। निःसंदेह यह एक ज़बरदस्त और सुरक्षित पुस्तक है। न कोई परिवर्तन करने वाला उसमें परिवर्तन कर सकता है, न कोई बदलने वाला उसे बदल सकता है।