إِنَّ ٱلَّذِينَ يُلۡحِدُونَ فِيٓ ءَايَٰتِنَا لَا يَخۡفَوۡنَ عَلَيۡنَآۗ أَفَمَن يُلۡقَىٰ فِي ٱلنَّارِ خَيۡرٌ أَم مَّن يَأۡتِيٓ ءَامِنٗا يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۚ ٱعۡمَلُواْ مَا شِئۡتُمۡ إِنَّهُۥ بِمَا تَعۡمَلُونَ بَصِيرٌ ٤٠
निःसंदेह जो लोग हमारी आयतों में टेढ़ापन अपनाते हैं, वे हमसे छिपे हुए नहीं हैं। तो क्या जो व्यक्ति आग में डाला जाएगा, वह उत्तम है अथवा जो क़ियामत के दिन निश्चिंत होकर आएगा? तुम जो चाहो करो। निःसंदेह, तुम जो कुछ करते हो, वह उसे ख़ूब देखने वाला है।13
फ़ुटनोट
13 अर्थात तुम्हारे मनमानी करने का कुफल तुम्हें अवश्य देगा।
तफ़सीर
जो लोग हमारी आयतों के बारे में ग़लत नीति अपनाते हैं; उनका इनकार करते हैं, उन्हें झुठलाते हैं और उनके अर्थ को बदल देते हैं, उनका हाल अल्लाह से छिपा नहीं है। हम उन्हें जानते हैं। क्या जो व्यक्ति जहन्नम में डाला जाएगा वह उत्तम है अथवा वह व्यक्ति जो क़ियामत के दिन यातना से निर्भय होकर आएगा? (ऐ लोगो!) अच्छा-बुरा जो चाहो, करो। हमने तुम्हारे सामने अच्छाई तथा बुराई को खोल-खोलकर बयान कर दिया है। तुम, दोनों में से जो भी करते हो, अल्लाह उसे देख रहा है। उससे तुम्हारा कोई कर्म छिपता नहीं है।