لَّا يَأۡتِيهِ ٱلۡبَٰطِلُ مِنۢ بَيۡنِ يَدَيۡهِ وَلَا مِنۡ خَلۡفِهِۦۖ تَنزِيلٞ مِّنۡ حَكِيمٍ حَمِيدٖ ٤٢
इसके पास झूठ न इसके आगे से आ सकता है और न इसके पीछे से। यह पूर्ण हिकमत वाले, सर्व प्रशंसित (अल्लाह) की ओर से अवतरित है।
तफ़सीर
असत्य न उसके आगे से आ सकता है और न उसके पीछे से। न कमी-बेशी के रूप में, न शाब्दिक या आर्थिक बदलाव के रूप में। यह उस अल्लाह की तरफ़ से उतरा है, जो रचना, निर्णय एवं शरीयत में हिकमत वाला है, हर हाल में प्रशंसित है।