وَقَالُوٓاْ ءَأَٰلِهَتُنَا خَيۡرٌ أَمۡ هُوَۚ مَا ضَرَبُوهُ لَكَ إِلَّا جَدَلَۢاۚ بَلۡ هُمۡ قَوۡمٌ خَصِمُونَ ٥٨
तथा उन्होंने कहा : क्या हमारे देवता अच्छे हैं या वह? उन्होंने आपके लिए यह (उदाहरण) केवल झगड़ने के लिए दिया है। बल्कि वे झगड़ालू लोग हैं।
तफ़सीर
और उन्होंने कहा : क्या हमारे पूज्य बेहतर हैं या ईसा?! ज़िबा'रा के पुत्र और उस जैसे लोगों ने यह उदाहरण सत्य तक पहुँचने के लिए नहीं दिया है, बल्कि बहस करने और झगड़ने के लिए दिया है। क्योंकि वे ऐसे लोग हैं कि झगड़ना उनके स्वभाव में दाखिल है।