يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِنَّمَا ٱلۡمُشۡرِكُونَ نَجَسٞ فَلَا يَقۡرَبُواْ ٱلۡمَسۡجِدَ ٱلۡحَرَامَ بَعۡدَ عَامِهِمۡ هَٰذَاۚ وَإِنۡ خِفۡتُمۡ عَيۡلَةٗ فَسَوۡفَ يُغۡنِيكُمُ ٱللَّهُ مِن فَضۡلِهِۦٓ إِن شَآءَۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمٌ حَكِيمٞ ٢٨
ऐ ईमान लाने वालो! निःसंदेह बहुदेववादी अशुद्ध हैं। अतः वे इस वर्ष10 के बाद मस्जिद-ए-हराम के पास न आएँ। और यदि तुम किसी प्रकार की गरीबी से डरते11 हो, तो अल्लाह जल्द ही तुम्हें अपनी कृपा से समृद्ध करेगा, यदि उसने चाहा। निःसंदेह अल्लाह सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत वाला है।
फ़ुटनोट
10 अर्थात सन् 9 हिजरी के पश्चात्।
11 अर्थात उनसे व्यापार न करने के कारण। अशुद्ध होने का अर्थ शिर्क के कारण मन की अशुद्धता है। (इब्ने कसीर)
तफ़सीर
ऐ अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाने वालो और उसकी शरीयत का पालन करने वालो! जान लो कि मुश्रिक (बहुदेववादी) अशुद्ध हैं। ऐसा उस कुफ़्र, अत्याचार, निंदनीय नैतिकता और बुरी आदतों के कारण है, जो उनके अंदर मौजूद है। अतः वे इस वर्ष अर्थात नौ हिजरी के बाद 'हरम-ए-मक्की' (मस्जिद-ए-हराम सहित) में प्रवेश न करें, भले ही वे हज्ज या उम्रा का इरादा रखते हों। और यदि (ऐ मोमिनो!) तुम उनके द्वारा लाए जाने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों और व्यापारों के बंद होने के कारण गरीबी से डरते हो, तो अल्लाह यदि चाहे, तो अपने अनुग्रह से तुम्हारे लिए पर्याप्त हो जाएगा। निःसंदेह अल्लाह तुम्हारी वर्तमान स्थिति से अवगत है, तुम्हारे लिए जो प्रबंध करता है उसमें हिकमत वाला है।