सूरह Ash-Shura, आयत 34

42:34

أَوۡ يُوبِقۡهُنَّ بِمَا كَسَبُواْ وَيَعۡفُ عَن كَثِيرٖ ٣٤

या वह उन्हें उसके कारण विनष्ट27 कर दे जो उन्होंने कमाया और वह बहुत-से पापों को क्षमा कर देता है।

फ़ुटनोट

27 उनके सवारों को उनके पापों के कारण डुबो दे।

तफ़सीर

या अगर अल्लाह सर्वशक्तिमान उन कश्तियों (जहाजों) को उन पर तूफ़ानी हवा भेजकर नष्ट करना चाहे, तो उन्हें लोगों के किए हुए गुनाहों के कारण विनष्ट कर दे। जबकि अल्लाह अपने बंदों के बहुत-से गुनाहों को माफ़ कर देता है। इसलिए उन्हें उनपर सज़ा नहीं देता है।