ٱللَّهُ ٱلَّذِيٓ أَنزَلَ ٱلۡكِتَٰبَ بِٱلۡحَقِّ وَٱلۡمِيزَانَۗ وَمَا يُدۡرِيكَ لَعَلَّ ٱلسَّاعَةَ قَرِيبٞ ١٧
अल्लाह ही है जिसने सत्य के साथ यह पुस्तक उतारी तथा तराज़ू18 भी, और आपको क्या चीज़ सूचित करती है शायद कि क़ियामत क़रीब हो।
फ़ुटनोट
18 तराज़ू से अभिप्राय न्याय का आदेश है। जो क़ुरआन द्वारा दिया गया है। (देखिए : सूरतुल-ह़दीद, आयत : 25)
तफ़सीर
अल्लाह ही है, जिसने सत्य के साथ क़ुरआन उतारा है, जिसमें कोई संदेह नहीं है। और न्याय उतारा है, ताकि लोगों के बीच इनसाफ़ के साथ निर्णय करे। संभव है कि वह क़ियामत, जिसे ये लोग झुठला रहे हैं, निकट ही हो। और यह सर्वज्ञात है कि हर आने वाली चीज़ निकट ही होती है।