सूरह Ash-Shu'ara, आयत 113

26:113

إِنۡ حِسَابُهُمۡ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّيۖ لَوۡ تَشۡعُرُونَ ١١٣

उनका ह़िसाब तो मेरे पालनहार ही के ज़िम्मे है, यदि तुम समझो।

तफ़सीर

उनका हिसाब तो अल्लाह ही के ज़िम्मे है, जो उनकी छिपी और खुली (सारी) बातोंं को जानता है, मेरे ज़िम्मे नहीं है। अगर तुम समझते, तो वह बात न कहते जो तुमने कही है।