إِنۡ حِسَابُهُمۡ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّيۖ لَوۡ تَشۡعُرُونَ ١١٣
उनका ह़िसाब तो मेरे पालनहार ही के ज़िम्मे है, यदि तुम समझो।
तफ़सीर
उनका हिसाब तो अल्लाह ही के ज़िम्मे है, जो उनकी छिपी और खुली (सारी) बातोंं को जानता है, मेरे ज़िम्मे नहीं है। अगर तुम समझते, तो वह बात न कहते जो तुमने कही है।