सूरह Ash-Shu'ara, आयत 112

26:112

قَالَ وَمَا عِلۡمِي بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ ١١٢

(नूह़ ने) कहा : मूझे क्या मालूम कि वे क्या कर्म करते रहे हैं?

तफ़सीर

नूह अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : मुझे क्या पता कि ये ईमान वाले क्या कार्य करते रहे हैं? क्योंकि मैं उनका निरीक्षक नहीं हूँ कि उनके कामों की गिनती करूँ।