सूरह Ash-Shu'ara, आयत 114

26:114

وَمَآ أَنَا۠ بِطَارِدِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ ١١٤

और मैं ईमान वालों को धुतकारने वाला21 नहीं हूँ।

फ़ुटनोट

21 अर्थात मैं हीन वर्ग के लोगों को जो ईमान लाए हैं, अपने से दूर नहीं कर सकता जैसा कि तुम चाहते हो।

तफ़सीर

और मैं तुम्हारी माँग को स्वीकार करते हुए ईमान वालों को अपनी सभा से निकालने वाला नहीं हूँ, ताकि तुम ईमान ले आओ।